दुर्गा पूजा कब है।durga puja 2020 date

आज के पोस्ट पोस्ट में हम 2020 के दुर्गा पूजा के बारे में जानेंगे इस पोस्ट में हम जानेंगे कि दुर्गा पूजा कब है (durga puja 2020 date).
और दुर्गा पूजा किस तारीख को है एवं दुर्गा पूजा कलश स्थापना कब है और दोस्तों 2020 के दुर्गा पूजा के रिलेटेड जितने भी सवाल होंगे उन सभी को आज हम डिटेल में जानेंगे तो दोस्तों पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को पूरा पढईगा।

2020 में दुर्गा पूजा कब है। (durga puja 2020 date ).


तो दोस्तों मैं आपको बता दूं कि दुर्गा पूजा आसीन मास के शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि यानि को 25 October को दशहरा मनाया जाएगा।

जिसे विजयदशमी या दशमी पूजा पूजा पूजा या दशमी पूजा पूजा भी कहते हैं ।

इस दिन को विजयदशमी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया। और दोस्तों कहा जाता है कि राम की रावण पर जीत हुई थी। इसीलिए इस दिन को विजयदशमी के नाम से जाना जाता है। और दोस्तों पुराणों में कहा जाता है कि मां दुर्गा ने 9 दिन तक महिषासुर से लड़ाई की थी ,और दशमी दिन जिसे विजय दशमी के नाम से जाना जाता है, उसी दिन महिषासुर का वध किया था ।

 

दुर्गा पूजा कहां-कहां मनाई जाती जाती है । (durga puja 2020)


 

भारत में अनेकों पर्व और त्योहार मनाए जाते त्योहार मनाए जाते मनाए जाते हैं। उन्हीं में से एक है दुर्गा पूजा दुर्गा पूजा पूजा दुर्गा पूजा जिसमें मां भगवती के आराधना की जाती है।

दोस्तों मैं आपको बता दूं कि दुर्गा पूजा खासतौर खासतौर पूजा खासतौर खासतौर दुर्गा पूजा खासतौर खासतौर पर बंगाल, बिहार, उड़ीसा, असम, तिरूपुरा, मनीपुर और झारखंड में मनाया जाता है। लेकिन दोस्तों मैं आपको बता दूं कि इनमें से सबसे धूमधाम और सबसे महत्वपूर्ण बंगाल में बड़े ही जोरों शोरों से मनाया जाता है। सभी जगह दुर्गा पूजा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है दुर्गा मां की प्रतिमा मंदिर में बनाई जाती है और इनकी पूजा की जाती है।

(2020 में दुर्गा पूजा कितने तारीख को है । (durga puja 2020 date).


दुर्गा पूजा सभी जगह षष्ठी पूजा से बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है तो दोस्तों 2020 में षष्ठी पुजा से 2020 में दुर्गा पूजा कितने तारीख को है नीचे detail में दे

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दुर्गा पूजा कलश स्थापना कब है। (durga puja kab hai)


दुर्गा पूजा कलश स्थापना प्रतिदिन एक पूजा से की जाती है। जिसमें मां दुर्गा की आराधना की जाती है।

और कलश की स्थापना की जाती है और नवरात्र प्रारंभ किया जाता है। कलश स्थापना एक पूजा से लेकर 9 पूजा तक प्रतिदिन किया जाता है।

 

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