संस्कृत भाषा का इतिहास।(sanskrit languge history in hindi)

संस्कृत भाषा का इतिहास बहौत ही पुराना है, जिसका कोई अन्त नहीं है।

संस्कृत भाषा भारत की शोभा बढ़ाने वाली है। यह भाषा देवताओं की तरह अमर है।

यह भाषा हर एक भारतवासियों के हृदय में आनंद प्रदान करता है। भारत देश में संस्कृत की रक्षा करना हमारा फर्ज है।
लेकिन आज के इस आधुनिक युग में यह हाल हो गया है, अगर आज कोई संस्कृत भाषा बोले तो वह प्राचीन और वह पुराने जमाने के लोग हैं।

अगर कोई संस्कृत बोलता है, तो वह शिक्षित नहीं है । हर कोई English बोलना पसंद करता है।

अगर तुम English बोलने जानते हो तो तुम बहुत पढ़े लिखे हो और शिक्षित हो।

आज संस्कृत भाषा की हालत ऐसी हो गई हो गई ऐसी हो गई हो गई हैं कि ना तो इसे कोई बोलना पसंद करता है ना ही इसे कोई पढ़ना
लेकिन लोगों को अपनी संस्कृति नहीं भूलनी चाहिए।

संस्कृत भाषा हमारी सबसे पहली भाषा है।

इसलिए इस भाषा को हमें उसी भाषा के तरह इज्जत करना चाहिए जिस तरह हम हिंदी और इंग्लिश भाषा का इज्जत करते हैं।


आधुनिक वैज्ञानिक युग में संस्कृत भाषा का क्या योगदान है।(sanskrit languge history in hindi)


दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत को कहा जाता है जाता है।

कहां जाता है संस्कृत भाषा एक ऐसी भाषा है जिनमें दुनिया के सभी भाषाओं से हजारों गुना अधिक शब्द हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया 97% भाषा संस्कृत से प्रभावित हैं।

अमेरिका के space agency नासा ने भी स्पेस में किसी भी मैसेज को भेजने के लिए संस्कृत को सबसे उपयोगी भाषा माना है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि NASA में भर्ती होने वाले वैज्ञानिक Training class में संस्कृत की क्लास लगती लगती है।

कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर computer भाषा में संस्कृत का प्रयोग किया जाए तो यह सबसे अच्छा computer के लिए भाषा होगा।
जहाँ पूरी दुनिया इस भाषा को सीखने की कोशिश कर कोशिश कर रहा है वहीं भारत इस भाषा को छोड़ना चाह रहे हैं।

आज संस्कृत भाषा की हालत ऐसी हो गई हो गई ऐसी हो गई हो गई हैं कि ना तो इसे कोई बोलना पसंद करता है ना ही इसे कोई पढ़ना।
लेकिन लोगों को अपनी संस्कृति नहीं भूलनी चाहिए। संस्कृत भाषा हमारी सबसे पहली भाषा है।

इसलिए इस भाषा को हमें उसी भाषा के तरह इज्जत करना चाहिए जिस तरह हम हिंदी और इंग्लिश भाषा का इज्जत करते हैं।


संस्कृत भाषा की खोज किसने की थी।


हर भाषा का एक अलग महत्व होता है, और हर एक भाषा का भाषा का रचना एक अलग तरह से हुई है ।

लेकिन संस्कृत भाषा दुनिया की एक ऐसी भाषा है जिसकी रचना नहीं बल्कि खोज की गई थी।

संस्कृत भाषा एक ऐसी भाषा है जिसमें आकृति और ध्वनि संबंधित है।

आपको बता दें कि वह ध्वनि एक खास आकृति से जुड़ी हुई है। मैं आपको बता दूं लगभग सभी भाषा संस्कृत भाषा से ही बनी है।

संस्कृत का जनक महर्षि पाणिनि को माना जाता है। लेकिन यह संस्कृत भाषा के जनक नहीं बल्कि संस्कृत व्याकरण के जनक हैं ।

 

 

मुझे उम्मीद है, संस्कृत भाषा का इतिहास के बारे में आपके मन में जितने भी सवाल थे। शायद मैंने उसको solve कर दिया है। अगर इसके बाद भी आपको कोई सवाल है तो आप मुझसे comment box में पूछ सकते हैं ।

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