सोनपुर मेला कब लगता है। sonepur mela in hindi

बिहार का सबसे बड़ा मेला सोनपुर मेला (sonepur mela in hindi)


 

दोस्तों आज के पोस्ट में हम बिहार का सबसे बड़ा मेला सोनपुर मेला (sonepur mela in hindi) के बारे में पूरे details में जानेंगे।

यह सोनपुर का मेला जहां हर साल लाखों के तादात में इस मेले को देखने के लिए श्रद्धालु आते हैं।

यह मेला हरसाल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सारण जिले के सोनपुर में गंगा और गंडक नदी के संगम पर लगता है।

सोनपुर मेला कब लगता है। (sonepur mela information in hindi)


सोनपुर का मेला हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हर साल कार्तिक महीने में लगता है।
यह मेला एशिया का सबसे बड़ा मेला है।

इस को हरिहर मेले के नाम से भी जाना जाता है ।

यह मेला मुख्यता पशुओं के लिए लगाया जाता है।

इस मेले में बहुत ही अधिक मात्रा में पशुओं की खरीद बिक्री होती है।

सोनपुर मेला में क्या-क्या बिकता है।


दोस्तों मैं आपको बता दूं कि सोनपुर मेला में आपको बहुत तरह के जानवर देखने को मिलेंगे

इस मेले में मुख्यतः घोड़ा, हाथी, बैल आदि बहुत सारे जानवर देखने को मिलेंगे जिनमें सभी जानवरों की बिक्री होती है

लेकिन हाथी को सिर्फ दिखाने के लिए रखा जाता है ।

इस मेले में घोड़े और बैल की बिक्री बड़े ही जोरों शोरों से होती है ।

इस मेले में जानवरों के अलावा और भी बहुत सारे चीज बिकती है।

जैसे कि ज्वेलरी बर्तन और घर के सामान और इसके अलावा आपको खानपान की भी व्यवस्था यहां मिल जाएगी।

सोनपुर मेले की कहानी ।


सोनपुर मेले (sonepur mela in hindi ) में कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान करते हैं

इसका एक बहुत ही बड़ा महत्व है पुराणों में कहा गया है कि हाथी और मगरमच्छ में एक बहुत ही बड़ा युद्ध हुआ था

और वह युद्ध नेपाल से होते हुए आ रहा था और वह हाथी और मगरमच्छ तैरते तैरते सोनपुर तक आ गए और वह युद्ध खत्म नहीं हो रहा था।

और तभी हाथी का पैर मगरमच्छ के मुंह में आ गया और हाथी परेशान हो गया

तभी हाथी ने विष्णु भगवान को पुकारा और तभी विष्णु भगवान प्रकट हो गए विष्णु भगवान ने हाथी की जान बचाई।

उसी प्रथा को चलाते हुए आज भी कार्तिक पूर्णिमा के दिन हाथियों को स्नान कराया जाता है और उनकी आरती की जाती है।

सोनपुर मेले का इतिहास।


वैसे दोस्तों मैं आपको बता दूं कि सोनपुर मेले का इतिहास  बहुत ही पुराना है

यह मेला चंद्रगुप्त मौर्य के काल से ही चला रहा है इस मेले में पशु के अलावा घरेलू बर्तन और हथियार भी मिलते हैं।

चंद्रगुप्त मौर्य के समय से ही इस मेले में पशु के आदान प्रदान होती आ रही है

इसी कारण से आज भी इस मेले में आपको कई प्रकार के पशुओं एवं पक्षियों मिलेंगी।

सोनपुर मेला कैसे पहुंचे।


सोनपुर मेला जाने के लिए आपने बिहार की राजधानी पटना से दो रास्ते आते हैं और ट्रेन भी जाती है ।

जिनमें से एक रास्ता गांधी सेतु से होते हुए आता है जिसमें पटना से सोनपुर की दुरि लगभग 40 KM पड़ती है।

सोनपुर मेले में कहां रहे ।


सोनपुर मेला में जाने के बाद आप वहाँ के सरकारी कैंप में भी रह सकते हैं।

जिसकी व्यवस्था मेले में ही की जाती है।

लेकिन आपको यहां बहुत ही शोर-शराबा मिलेगा अगर आपको यहां रहना पसंद नहीं है।

तो आपको सोनपुर में बहुत सारे प्राइवेट होटल में भी रह सकते हैं और वहाँ बहुत सारे लॉज में भी रह सकते हैं।

 

तो दोस्तों कैसी लगी आपको यह बिहार के सबसे बड़े मेले सोनपुर मेला (sonepur mela in hindi)  की जानकारी कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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