विज्ञान में ब्रह्मास्त्र को परमाणु बम के समान क्यों माना जाता है।(brahmastra weapon)

विज्ञान में ब्रह्मास्त्र (brahmastra weapon )को परमाणु बम के समान माना जाता है

तो चलिए जानते हैं ब्रह्मास्त्र को परमाणु बम के समान क्यों माना जाता है।


प्राचीन काल के वेदों में कहीं-कहीं ब्रह्मास्त्र का विवरण मिलता है.

रामायण और महाभारत में भी ब्रह्मास्त्र का उपस्थिति का विवरण मिलता है।

रामायण में लक्ष्मण जी ने मेघनाथ को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र (brahmastra weapon )चलाने की राम जी से बात की थी जिसमें राम भगवान ने कहा था कि अगर ब्रह्मास्त्र का उपयोग किया गया तो लंका के निर्दोष लोग भी मारे जाएंगे.

हम सब को यह पता है कि इस सृष्टि की रचना ब्रह्मा जी ने की है. तो ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना जिन तत्वों से किया है उन तत्वों को नष्ट करने के लिए ब्रह्मा जी ने ब्रह्मास्त्र को तैयार किया था



ब्रह्मास्त्र एक ऐसे अस्त्र की श्रेणी में आता है जिससे इंसान के सिर्फ मृत्यु हि नहीं होती है उनका शरीर जिन तत्वों से बना है उन्हें भी नष्ट कर देता है।

महर्षि वेदव्यास जी ने बताया है कि जहां ब्रह्मास्त्र छोड़ा जाता है वहां अनेकों वर्षों तक पेड़ पौधे और जीवन की उत्पत्ति संभव नहीं है।

हमने महाभारत काल में सुना है कि एक ऐसे अस्त्र का प्रयोग किया गया था जिसने बहुत सारे जीवो को एक ही झटके में नष्ट कर दिया था।

ग्रंथों में ऐसा विवरण मिलता है कि प्राचीन काल में ऐसे अस्त्रों का प्रयोग किया गया था तो क्या आज भी ऐसे अस्त्र के प्रमाण मौजूद हैं। जिसे साबित होती हो कि प्राचीन काल में ऐसे अस्त्रों का उपयोग किया गया हो।

ब्रह्मास्त्र के उपयोग होने के सबूत और विज्ञान में महत्व।


कुछ समय पहले शोधकर्ताओं ने बहुत से ऐसे स्थानों का पहचान की है जहां ऐसे सबूत मिलते हैं कि हां किसी ना किसी ऐसे दिव्य अस्त्र का प्रयोग किया गया था कि जिससे इतनी ऊर्जा निकली थी कि एक पूरी की पूरी सभ्यता का विनाश हो गया था।

मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यता जो लगभग 5000 से 7000 ईसा पूर्व की बात है जो पूरी की पूरी संस्कृति एक ही झटके में नष्ट हो गई थी

वहां पर ऐसे नर कंकाल पाए गए हैं जिसकी अचानक मृत्यु हो गई थी। जो किसी रेडिएशन के कारण हुई थी ।

राजस्थान में जोधपुर के पास एक ऐसा क्षेत्र उपस्थित है जहां पर रेडियो एक्टिविटी के प्रमाण मिलते हैं।

ऐसे प्रमाण भी मिलते हैं लगभग 5 से 6 लाख लोगों की मृत्यु एक ही झटके में हो गई थी। निश्चय ही ये किसी दिव्य विनाशकारी अस्त्र के कारण ऐसा हुआ होगा ।

शोधकर्ताओं ने बहुत से ऐसे जगहों का पता लगाया है जिससे पता चलता है कि प्राचीन काल में ऐसे अस्त्र का प्रयोग किया गया है जो परमाणु बम के समान अस्त्र थे।

brahmastra weapon

इसीलिए विज्ञान में परमाणु बम को ब्रह्मास्त्र से जोड़कर देखा जाता है।

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